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Poetry prisoner poem by Shriya Sahni
Prisoner
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As hollowness takes over me, I feel; my heart is a prisoner in my own ribcage. And, I will stumble upon any rock to let it…

Poetry shaurya poem by anvayana baranwal
शौर्य
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पठानकोट के धमाको से आंखे तो खुली होंगी, गर अब भी हथेली मुट्ठी ना बनी तो ये बुजदिली होगी। यकीन है की ऊंघती सरकारें जागेंगी इस…

Poetry Ankahi poem by Anvaya BaranwalAnkahi poem by Anvaya Baranwal
अनकही
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यूँ ही नहीं बीतती करवटों में रातें, इस रात की ख़ामोशी में तेरी यादों का शोर बहुत है। अब कहाँ वो लड़कपन की चाहते वो शरारतें,…

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