Browsing: Poetry

Poetry prisoner poem by Shriya Sahni
Prisoner
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As hollowness takes over me, I feel; my heart is a prisoner in my own ribcage. And, I will stumble upon any rock to let it…

Poetry shaurya poem by anvayana baranwal
शौर्य
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पठानकोट के धमाको से आंखे तो खुली होंगी, गर अब भी हथेली मुट्ठी ना बनी तो ये बुजदिली होगी। यकीन है की ऊंघती सरकारें जागेंगी इस…

Poetry Ankahi poem by Anvaya BaranwalAnkahi poem by Anvaya Baranwal
अनकही
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यूँ ही नहीं बीतती करवटों में रातें, इस रात की ख़ामोशी में तेरी यादों का शोर बहुत है। अब कहाँ वो लड़कपन की चाहते वो शरारतें,…

Poetry Aakhiri Khat- A nazm by Nitish
आख़िरी ख़त
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तुम्हारा एक पुराना ख़त आज अलमारी के कोने में पड़ा मिला धूल जमी हुई थी कुछ उस पर हल्का सा झाड़ा और धूल हटी तो याद…

Poetry
Beneath the Skin
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There are a thousand different shades beneath the colour of my skin. The blush of the summers, and the love that came with it. The ivory…

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