Browsing: Poem

Poetry Zindagi by Nitish
Zindagi
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ज़िंदगी वक्त है रेत सी फिसल गई है ता-उम्र कोशिश की संभाल कर रखने की फ़िर भी हथेलीयों से निकल सी गई है वो बचपन याद…

Poetry mausam poem by Arjun Awasty
मौसम ||
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बालों को सहलाती ये सर्द हवाएं , गुज़रे दिन की हसीन शाम है | तपती दोपहरो में रोज़ कुछ पिघलते , उस गरीब की बेचैन रातो…

Poetry
शफ़क़त
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रात की ख़ामोशी थी तन्हाई का सहारा था, हज़ारो ख्याल दिल को छू गए हर ख्याल में ज़िक्र तुम्हारा था। कहीं महफ़िल बेनूर थी कहीं तन्हाई…

Poetry Each is a Godsent by Tarini Suneja
Each is a Godsend
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When things go awry, Do not withdraw, re-try; No breaking into bray, Many in the fray; All stars shine, oceans have brine, Don’t whine, be benign;…

Poetry Safar by Anvaya
सफ़र
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ना शाखाओ ने जगह दी ना आंधियो ने बख्शा, बता वो पत्ता जाये भी तो कहां जाये। गर्द नाकामियों की इतनी चढ़ी है, अब चेहरा भी…

Poetry Kuch Sawaal by Nitish
कुछ सवाल
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मेरी डायरी के कोरे पन्ने कर बैठे एक सवाल अरसा बीता लिखे उनपर कोई कलाम बस इतना सा था मेरा जवाब “मैंने लिखना छोड़ दिया” ।…

Poetry Undying Hope
Undying Hope
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Everything happening around me, seemed wrong, And then, I was tired of being strong. The typhoon attacking my soul was not in a mood to end,…

Humans of Finance Humans of FInance- Nitish, Urdu Poet and Chartered Accountant
HoF #6- Nitish, Urdu Poet and CA Student
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चलो इक अंजानी राह चलते हैं, चलो कुछ अजनबी मुसाफिरों से मिलते है, हर कोई एक किस्सा साथ लिए चल रहा है, चलो आज कुछ नई…

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